
रेफ्रिजरेशन क्या है – What is Refrigeration Cycle
तो दोस्तों Refrigerator नाम सुनते ही आपके दिमाग में क्या ज़िक्र हुआ , सबसे पहले फ्रीज़ हुआ होगा हैं ना , ये भी यही है फ्रीज़ रेफ्रिजरेशन का एक प्रोडक्ट है समझ लो आसान भाषा में कहा जाये तो रेफ्रिजरेशन ( Refrigeration ) एक विद्धुत से चलने वाला मशीन है ( एक बंद स्थान पर वातावरण से कम तापमान का निर्माण करना रेफ्रिजरेशन कहलाता है )जो की फल,सब्जी, पानी इत्यादि को ठंडा रखने का काम करता है जिससे फल और सब्जी लम्बे समय तक सुरक्षित रहे और ठंडा होने के कारण ख़राब नहीं होने देता |
इतिहास ( History )
1804 ईसवी में ओलिवर आईवास (Oliver Ivas ) ने पहला रेफ्रीजिरेटर का आविष्कार किया परन्तु उसे सफलता नहीं मिली फिर उसके शिष्य जैकब पर्किन्स ( Jacob Perkins ) ने 1834 ईसवी में पहला रेफ्रीजिरेटर का आविष्कार किया, फिर 1905 में केल्विनेटर ने पहला ऑटोमैटिक रेफ्रीजिरेटर का आविष्कार किया |
रेफ्रिजरेशन साइकिल क्या है ( What is Refrigeration Cycle )
रेफ्रिजरेशन साइकिल ( REFRIGERATION CYCLE ) क्या होता है आप लोग सोच रहे होंगे तो ये एक प्रक्रिया जैसा है जिससे कूलिंग का निर्माण होता है रेफ्रिजरेशन CYCLE में मुख्यतः चार भाग होते है इनमे से एक भी भाग के बिना ये CYCLE काम नहीं करेगा आवश्कता अनुसार और भी पार्ट्स लगाया जाता है जैसे ड्राई फ़िल्टर जो की रेफ्रिजरेंट को फ़िल्टर करता रहता है इसके आलावा इंडस्ट्रियल काम में बड़े पैमाने में रेफ्रिजरेंट की ज्यादा जरुरत होती है और कभी सर्विस के समय सभी गैस ना निकलना पड़े इसलिए रेफ्रिजरेंट रिसीवर टैंक भी लगाया जाता है ।
रेफ्रिजरेशन में मुख्य भाग – Parts of Refrigeration
रेफ्रिजरेशन साइकिल ( refrigeration ) के प्रमुख चार भाग होते है –
कंप्रेसर ( COMPRESSOR )
कंडेंसर ( CONDENSAR )
एक्सपेंशन वाल्व ( EXPANSION VALVE )
एवापोरेटर ( EVAPORETOR )

कंप्रेसर (COMPRESSOR) :- कंप्रेसर रेफ्रिजरेशन साइकिल का महत्व पूर्ण अंग है कंप्रेसर सक्शन लाइन से लो प्रेशर लो टेम्परेचर गैस खींच कर उसमे दबाव बनती है जिससे लो प्रेशर लो टेम्परेचर गैस का रूपांतरण हाई प्रेशर हाई टेम्परेचर गैस में हो जाता है और यह गैस डिस्चार्ज लाइन के द्वारा कन्डेंसर में भेज दिया जाता है ।
जाने Compressor कितने प्रकार के होते है और कैसे काम करता है …
कंडेंसर (CONDENSAR):- कंडेंसर रेफ्रिजरेशन साइकिल में हाई प्रेसर साइड रहने वाला एक महत्व पूर्ण अंग है यह कंप्रेसर के बाद व एक्सपेंशन वाल्व के पहले लगा होता है कंप्रेसर से आने वाली हाई प्रेशर हाई टेम्परेचर गैस का कंडेसेशन करके उसमे मौजूद गुप्त उष्मा को निकल देता है जिससे हाई प्रेशर हाई टेम्परेचर गैस का रूपांतरण हाई प्रेशर हाई टेम्परेचर लिक्विड में हो जाता है और यह लिक्विड , लिक्विड लाइन के द्वारा एक्सपेंशन वाल्व में खींच लेता है ।
जाने एक Condenser कैसे काम करता है और कितने प्रकार का होता है…
एक्सपेंशन वाल्व (EXPANSION VALVE):- एक्सपेंशन वाल्व रेफ्रिजरेशन साइकिल का महत्व पूर्ण अंग है यह कंडेंसर के बाद व एवापोरेटर के पहले लगा होता है कंडेंसर से आने वाली हाई प्रेशर हाई टेम्परेचर लिक्विड के प्रेशर को कम कर देता है जिससे हाई प्रेशर हाई टेम्परेचर लिक्विड का रूपांतरण लो प्रेशर लो टेम्परेचर लिक्विड में हो जाता है और यह लिक्विड एवापोरेटर में खींच लेता है ।
Expansion Valve को सबसे महत्पूर्ण क्यों कहा जाता है जाने…
इवापोरेटर (EVAPORETOR ):- एवापोरेटर कंप्रेसर के पहले व एक्सपेंशन वाल्व के बाद लो प्रेशर साइड लगा होता है यह रेफ्रिजरेशन साइकिल का प्रमुख अंग है एक्सपेंशन वाल्व से आने वाली लो प्रेशर लो टेम्परेचर लिक्विड , एवापोरेटर के उष्मा को सोख लेती है जिससे वहा कूलिंग का निर्माण होता है उष्मा के सोख लेने से लो प्रेशर लो टेम्परेचर लिक्विड का रूपांतरण लो प्रेशर लो टेम्परेचर गैस में हो जाता है यह गैस कंप्रेसर के द्वारा खींच लिया जाता है ।
Evaporetor कितने प्रकार का होता है जाने…
ड्राई फ़िल्टर ( DRY FILTER ) :- ड्राई फ़िल्टर में सिलिका जैल होता है जो सिस्टम के अंदर का रेफ्रिजरेंट का साफ रखता है और नमी को रोक लेता है |
रेफ्रिजरेशन के प्रोडक्ट ( Product of refrigeration )
रेफ्रिजरेशन का मतलब फ्रीज़ ही नहीं होता , रेफ्रिजरेशन के अंदर बहुत से प्रोडक्ट आते है जैसे –
- डीप फ्रीज़र ( Deep Frizer )
- रेफ्रीजिरेटर ( Refrigerator )
- वाटर कूलर ( Water Cooler)
- हॉट एंड कूल वाटर बोतल डिस्पेंसर ( Hot & Cool Water Bottle Despenser )
- मिल्क कूलर ( Milk Cooler )
- आइस क्यूब मशीन ( Ice Cube Machine )
- वीसी कूलर ( Visi Cooler )
- बोतल कूलर ( Bottle Cooler )



